हॉकी
वीजा से लेकर गोलपोस्ट तक: बांग्लादेश की एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी यात्रा में हर घंटा मायने रखता हैमेरी डायरी में एक तारीख ऐसी है जो मैं कभी नहीं भूलता — 9 मार्च 2026, सैंटियाग...
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में बांग्लादेश: जगह पाकिस्तान के हटने से मिली, तैयारी सिर्फ दो हफ्ते की23 अक्टूबर की सुबह ढाका से उड़ान भरने से चार दिन पहले बांग्लादेश हॉकी टीम का ...
ढाका से चेन्नई तक: बांग्लादेश की एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी यात्रा में सबसे बड़ा सवाल वीजा है, हॉकी नहींढाका के मौलाना भसानी स्टेडियम से निकलते वक्त जब मैंने अपनी डेटेड नोटबुक खोली,...
33-20 का लेजर: ढाका में बांग्लादेश का दूसरा हाफ, और वे 20 गोल जो जीत ने छिपा दिएपहला हाफ 13-9 पर खत्म हुआ। दूसरा हाफ 20-11 पर। साठ मिनट में कुल 53 गोल — औसतन...
बांग्लादेश का असली प्रतिद्वंद्वी कैलेंडर है: 16 नाम, दो हफ़्ते का कैंप और चार दिन का टर्नअराउंडढाका से जारी सूची में अठारह खिलाड़ियों का दावा है। गिनती करें तो सोलह नाम...
ढाका में 33-20: बांग्लादेश की जीत दूसरे हाफ़ की फिटनेस है, रक्षापंक्ति की क्रांति नहींहाफ़ टाइम पर स्कोरबोर्ड 13-9 दिखा रहा था। मैं ढाका से आए इस मैच का रिप्ले...
18 का दावा, 16 नाम: बांग्लादेश की एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी एंट्री का वह हिसाब जो मिलता नहींस्क्वाड 18 खिलाड़ियों का बताया गया है। सूची में 16 नाम हैं। जिन तीन खिलाड़ियो...
वीज़ा, दो हफ़्ते और एक देर से आया कोच: एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में बांग्लादेश का असली मुक़ाबला किससे है23 अक्टूबर की उड़ान, 27 अक्टूबर का पुश-बैक। बीच में चार दिन। और उससे पहले,...
ढाका में 33-20: बांग्लादेश की जीत का सबूत दूसरे हाफ में है, और बीस गोल खाने की चर्चा किसी ने नहीं कीसाठ मिनट में तिरपन गोल। यानी हर 68 सेकंड में एक बार स्कोरबोर्ड बदला। बांग्लाद...
बांग्लादेश की हैंडबॉल जीत के पीछे छिपा संकट: 33 गोल के बावजूद रक्षा में दरार और भारत के खिलाफ चुनौतीढाका के मीरपुर स्थित हैंडबॉल कोर्ट पर जब अल्पना अख्तर ने अपना सातवां गोल किया...
